Wednesday, July 28, 2021
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ऑयली मछली को करें डेली डाइट में शामिल, 5 साल लंबा होगा जीवन: स्टडी


Not Eating Oily Fish Daily Can Shorten Life Expectancy More Than Smoking: खाने में कई पोषक तत्वों का होना जरूरी है ताकि शरीर को ऊर्जा मिलती रहे. एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि अगर आहार में ओमेगा-3 ऑयल की कमी हो तो यह स्मोकिंग से ज्यादा जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) को कम कर सकती है. वैज्ञानिकों ने बताया कि स्मोकिंग से आपके जीवन के 4 साल कम हो जाते हैं वहीं बॉडी में फैटी एसिड की कमी (फैटी एसिड साल्मन और मैकेरल जैसी मछलियों) से जीवन 5 साल तक कम हो जाता है. डेलीमेल यूके पर प्रकाशित लेख में स्टडी के हवाले से लिखा है कि,ऑयली मछली में पाया जाने वाला ऑयल हार्ट के लिए अच्छा होता है और खून के थक्के बनने से रोकता है. बॉडी में 8 फीसदी ओमेगा-3 ऑयल का लेवल सबसे ठीक है, सामान्य तौर पर यह लेवल 8 से 4 प्रतिशत के बीच में होना चाहिए.

कनाडा में गुएलफ विश्वविद्यालय के अध्ययन प्रमुख शोधकर्ता डॉ माइकल मैकबर्नी ने बताया कि यह दिलचस्प है कि जापान में, जहां औसत ओमेगा -3 इंडेक्स आठ प्रतिशत से ज्यादा है, अपेक्षित जीवन काल संयुक्त राज्य अमेरिका की तुलना में लगभग पांच वर्ष लंबा है, जहां औसत ओमेगा -3 इंडेक्स लगभग पांच फीसदी है. इसलिए ओमेगा -3 इंडेक्स को बदलने वाले आहार को रोजाना डाइट में शामिल करने से जीवन लंबा हो सकता है.

यह भी पढ़ें: पीरियड ब्लड का कलर बताता है आपकी सेहत का हाल, चार्ट से जानें

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययन में फ्रामिंघम हार्ट स्टडी (एफएचएस) के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया, जो दुनिया में सबसे लंबे समय तक चलने वाले अध्ययनों में से एक है. अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि फैटी एसिड की जांच से मानक जोखिम कारकों के समान मृत्यु दर का अनुमान लगाया जा सकता है.

फैटी एसिड रिसर्च इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष, सह-लेखक डॉ बिल हैरिस ने कहा कि चार रेड ब्लड सेल में फैटी एसिड की सांद्रता (Concentrations) में दी गई जानकारी उतनी ही उपयोगी थी जितनी कि कुल मृत्यु दर की संभावना के सम्बन्ध में लिपिड लेवल, ब्लड प्रेशर, स्मोकिंग और मधुमेह की स्थिति में.

यह एक रिस्क फैक्टर के रूप में ओमेगा -3 इंडेक्स के बारे में बताता है और इसे अन्य महत्वपूर्ण रिस्क फैक्टर की तरह ही महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए, और शायद इससे भी ज्यादा.

इस रिस्क फैक्टर को आहार, तंबाकू, शराब और शारीरिक निष्क्रियता जैसे कारकों को बदलकर कम किया जा सकता है. अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि जीवनशैली के विकल्प उन लोगों की पहचान करने में मदद करते हैं जोकि रिस्क में हैं. इसके अलावा यह यह खराब स्वास्थ्य को रोकने, मृत्यु में देरी और इलाज कैसे करना है इसका आकलन करने में भी मददगार हो सकता है.

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