Home Entertainment जावेद अख्तर बोले- धर्म और भाषा का कोई संबंध नहीं होता, हमें उर्दू को महत्व देना चाहिए | Javed Akhtar on urdu language

जावेद अख्तर बोले- धर्म और भाषा का कोई संबंध नहीं होता, हमें उर्दू को महत्व देना चाहिए | Javed Akhtar on urdu language

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जावेद अख्तर बोले- धर्म और भाषा का कोई संबंध नहीं होता, हमें उर्दू को महत्व देना चाहिए | Javed Akhtar on urdu language

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30 मिनट पहले

जावेद अख्तर और उनकी पत्नी शबाना आजमी ने हाल ही में एक उर्दू एल्बम ‘शायराना – सरताज’ लॉन्च किया। इस इवेंट में जावेद अख्तर ने उर्दू भाषा के महत्व के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि उर्दू हिंदुस्तान की भाषा है। जो ये मानते हैं कि उर्दू का संबंध पाकिस्तान से है तो वो गलत सोचते हैं। पाकिस्तान भी बंटवारे के बाद ही निकला है। जावेद अख्तर का मानना है किसी भी भाषा का किसी विशेष धर्म से कोई संबंध नहीं होता।

उर्दू हिंदुस्तान की भाषा है..
जावेद अख्तर ने इस इवेंट में कहा, ‘उर्दू किसी और जगह से नहीं आई है। ये हमारी हिंदुस्तान की भाषा है। ये हिंदुस्तान के बाहर नहीं बोली जाती। ये पाकिस्तान या इजिप्ट की भाषा नहीं है। पाकिस्तान का भी पहले कोई वजूद नहीं था। वो भी हिंदुस्तान से ही निकला है।’ जावेद अख्तर के मुताबिक, उर्दू के विकास में पंजाब का बहुत बड़ा रोल है।

युवा पीढ़ी को हिंदी और उर्दू बोलनी चाहिए- जावेद
जावेद अख्तर ने कहा, ‘हमने यह भाषा (उर्दू) क्यों छोड़ दी, पाकिस्तान की वजह से? अगर पाकिस्तान ये कहे कि कश्मीर उसका तो क्या आप मान लेंगे। इसी तरह उर्दू भी हिंदुस्तान की ही एक भाषा है, जिस पर हम सभी को ध्यान देना चाहिए।

आजकल नई जेनरेशन वाले अंग्रेजी पर ज्यादा फोकस करते हैं। युवा पीढ़ी और लोग उर्दू और हिंदी कम बोलते हैं। हमें हिंदी में बात करनी चाहिए क्योंकि ये हमारी राष्ट्रभाषा है। जावेद अख्तर ने ये भी कहा कि भाषा का संबंध किसी विशेष धर्म से नहीं होता बल्कि क्षेत्रों पर आधारित होता है। अगर भाषा का संबंध धर्म से होता तो पूरे यूरोप में एक ही भाषा बोली जाती।’

पाकिस्तान को उनके घर में जाकर सुनाई थी सही गलत
जावेद अख्तर पाकिस्तान के लाहौर में 17 से 19 फरवरी के बीच ‘फैज फेस्टिवल’ में पहुंचे थे। वहां उर्दू शायर फैज अहमद फैज की याद में एक कार्यक्रम किया गया था। इस दौरान एंकर ने जावेद अख्तर से कहा कि पाकिस्तान बड़ा फ्रेंडली, लविंग और पॉजिटिव मुल्क है। हम बम नहीं मारते, फूल भी पहनाते हैं और प्यार भी करते हैं। इस बारे में उनके क्या ख्याल हैं।

जावेद अख्तर ने इस पर कहा था, ‘हम तो बंबई के लोग हैं, हमने देखा हमारे शहर पर कैसे हमला हुआ था। वो लोग (आतंकी) नॉर्वे से तो नहीं आए थे, ना इजिप्ट से आए थे। वो लोग अभी भी आपके मुल्क में घूम रहे हैं। तो ये शिकायत अगर हर हिंदुस्तानी के दिल में है तो, आपको बुरा नहीं मानना चाहिए।’

जावेद अख्तर पाकिस्तान के लाहौर में हुए 'फैज फेस्टिवल' में पहुंचे थे। उन्होंने वहां बातों-बातों में पाकिस्तान को आतंकियों को पनाह देने के लिए खरी-खोटी सुनाई थी।

जावेद अख्तर पाकिस्तान के लाहौर में हुए ‘फैज फेस्टिवल’ में पहुंचे थे। उन्होंने वहां बातों-बातों में पाकिस्तान को आतंकियों को पनाह देने के लिए खरी-खोटी सुनाई थी।

पाकिस्तान का बनना एक गलती है…
जावेद अख्तर से पाकिस्तान के बनने पर भी सवाल किया गया था। जवाब में उन्होंने कहा, ‘कोई भी धर्म एक देश नहीं बनाता, अगर ऐसा होता तो पूरा मिडिल ईस्ट मिलाकर एक देश होता साथ ही पूरा यूरोप भी एक ही देश के अंतर्गत आ जाता। पाकिस्तान का बनना एक गलती है, लेकिन अब इसे बदल नहीं सकते।

आज देखा जाए तो पाकिस्तान में अहमदिया और शिया मुसलमान नहीं हैं क्योंकि उन्हें वहां से रिजेक्ट कर दिया था। आज हम भी वही कर रहे हैं, जो उन्होंने 70 साल पहले किया था। आज आप भी हिंदू राष्ट्र चाहते हैं, मैं तो कहता हूं जो वो नहीं कर सके दुनिया नहीं कर सकी, वो आप क्या करेंगे।’

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