मौसम के हिसाब से बदलता है 180 रुपये की इस शाकाहारी थाली का मेन्यू, भरपेट संतुष्टि का दावा

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मौसम के हिसाब से बदलता है 180 रुपये की इस शाकाहारी थाली का मेन्यू, भरपेट संतुष्टि का दावा


(डॉ. रामेश्वर दयाल)

Delhi Adarsh Bhojnalaya Eat Plenty In Budget- कभी-कभी हमारा मन करता है कि किसी ऐसे रेस्तरां में जाएं, जहां तय राशि में भरपूर भोजन मिल जाए. मतलब जितना मन करे, उतना खाते रहें. अगर सब्जी के साथ घी में चुपड़ी रोटी खानी है तो खाते रहें और अगर दाल-चावल ही खाने का मन है तो बेरोकटोक निपटाते रहें. साथ में चटनी, रायता भी हो तो फिर बात ही निराली है. तो हम आपको बता दें कि दिल्ली में ऐसा भोजनालय है जहां आप मात्र 180 रुपये में पेट और मन भरकर खाना खा सकते हैं. शाकाहारी भोजन खासा स्वादिष्ट है. मौसम के हिसाब से इस भोजनालय का खाना बदलता रहता है.

थालियों और कटोरी में सर्व होता है भोजन

इस रेस्तरां का नाम है आदर्श भोजनालय. चांदनी चौक मेन रोड पर जब आप चलेंगे तो बल्लीमारान से आगे बायीं ओर हवेली हैदरकुली की ओर रास्ता जाता है. वहीं पर ही यह एयरकंडीशन वेजिटेरियन भोजनालय है, जहां मात्र 180 रुपये की थाली में भरपूर भोजन मिलता है. कांउटर पर पहुंचिए, वहां से कंप्यूटर से निकला ‘कूपन’ (पहले पीतल का टोकन मिलता था) लेकर बैठ जाइए. एक बड़ी सी थाली आपके सामने आएगी, जिसकी दो कटोरियों में दो सब्जी (एक पनीर वाली), एक कटोरी में दाल, एक में रायता होगा. इसके अलावा सलाद, पापड़, हरी चटनी, अचार के अलावा एक कटोरी में मिष्ठान्न जिसमें रसगुल्ला, रसमलाई, फूड कस्टर्ड में से एक होगा.

भोजनालय शुरू किया गया था तो उस वक्त थाली का दाम 13 रुपये था

भोजनालय शुरू किया गया था तो उस वक्त थाली का दाम 13 रुपये था

तवे की गरमा-गरम रोटी व भरवां परांठे

जैसे ही आप खाना शुरू करेंगे, आपको गरमा-गरम तवे पर सिंकी चने व गेहूं की रोटी के अलावा भरवां परांठे आते रहेंगे. खाते-खाते जिस भोजन की कमी हो जाए, आप डिमांड करेंगे, तुरंत थाली में परोस दी जाएगी. आपको साथ में गरमा-गरम चावल भी मिलेंगे. अब जितनी देर तक और कितना भी भोजन खाते रहें, कर्मचारी आपको परोसते रहेंगे. दो या चार खन की डोलची में सब्जी, दाल आदि आती रहेगी और जो चाहिए वह तुरंत परोस दिया जाएगा.

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प्रॉफिट नहीं, लोगों की संतुष्टि को प्रमुखता

यह भोजनालय सही मायनों में शुद्ध शाकाहारी है, क्योंकि भोजन में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता. अगर भीड़ बढ़ने पर कोई सब्जी खत्म हो जाती है तो तुरंत नई सब्जी परोस दी जाती है. मालिकों का कहना है कि उनका भोजनालय लाभ के लिए नहीं है, लोगों की संतुष्टि के लिए है. पहले तो इस रेस्तरां में महीने का रियायत दामों पर कूपन सिस्टम भी था. कारोबारी कूपन लेकर आते थे, भोजन खाकर तृप्त होकर लौट जाते थे.

थाली की पैकिंग सुविधा भी जल्द शुरू होगी

अब इस भोजनालय के मालिकों की बात करें. वर्ष वर्ष 1988 में इसे रामदेव शर्मा ने शुरू किया था. वह पुरानी दिल्ली के ही रहने वाले हैं. इस भोजनालय को चलाने में उनका बेटा मिलन शर्मा मदद कर रहा है. उन्होंने बताया कि बदलते वक्त के साथ अब हम थाली पैकिंग की सुविधा भी शुरू करने जा रहे हैं. उन्होंने जानकारी दी कि जब यह भोजनालय शुरू किया गया था तो उस वक्त थाली का दाम 13 रुपये था. भोजन बनाने का सारा कच्चा माल खारी बावली थोक मार्केट से खरीदा जाता है. उनका यह भी कहना था कि मौसम के अनुसार रेस्तरां का मैन्यू भी बदल जाता है, लेकिन शुद्धता कायम रहती है. दिन में 11 बजे भोजनालय खुलता है और रात 11 बजे तक चलता है.

नजदीकी मेट्रो स्टेशन: चांदनी चौक



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